Chapter 11: भुट्टे

अध्याय परिचय

“भुट्टे” एक सरल और रोचक कहानी है जिसमें नीना, उसके नाना-नानी और भुट्टे खाने का आनंद दिखाया गया है। इस अध्याय के माध्यम से बच्चों को परिवार के साथ समय बिताने और भोजन का आनंद लेने की खुशी के बारे में बताया गया है।

विस्तृत नोट्स (सरल भाषा में)

इस कहानी में नीना के नाना बाजार जाते हैं और बहुत सारे भुट्टे लेकर आते हैं।

नाना नीना के लिए भुट्टे भूनते हैं और नीना खुशी-खुशी उन्हें खाती है।

इसके बाद नीना की नानी भुट्टे उबालती हैं और फिर नाना-नानी दोनों मिलकर भुट्टे खाते हैं।

यह कहानी बहुत सरल है और इसमें परिवार के साथ मिलकर खाने और खुशी बाँटने का संदेश दिया गया है।

पेज 2 पर बच्चों को आगे की कहानी सोचने के लिए भी कहा गया है, जिससे उनकी सोचने और कल्पना करने की क्षमता बढ़ती है।

शब्दार्थ (महत्वपूर्ण व कठिन शब्द)

शब्दअर्थ
बाजारखरीदने-बेचने की जगह
भुट्टेमक्के के दाने वाला फल
भूननाआग पर पकाना
उबालनापानी में पकाना
आनंदखुशी
जी भरकरपूरी तरह

प्रश्न-उत्तर

Q1: इस कहानी में कौन-कौन हैं?
Ans: इस कहानी में नीना, उसके नाना और नानी हैं।

Q2: नीना के नाना कहाँ गए?
Ans: नीना के नाना बाजार गए।

Q3: नाना बाजार से क्या लाए?
Ans: नाना भुट्टे लाए।

Q4: नाना ने नीना के लिए क्या किया?
Ans: नाना ने नीना के लिए भुट्टे भूने।

Q5: नीना ने क्या किया?
Ans: नीना ने जी भरकर भुट्टे खाए।

Q6: नानी ने क्या किया?
Ans: नानी ने भुट्टे उबाले।

Q7: नाना-नानी ने क्या किया?
Ans: नाना-नानी ने मिलकर भुट्टे खाए।

Q8: भुट्टे कैसे खाए जा सकते हैं?
Ans: भुट्टे भूनकर और उबालकर खाए जा सकते हैं।

Q9: इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?
Ans: हमें परिवार के साथ मिलकर खुश रहना और भोजन का आनंद लेना चाहिए।

Q10: बच्चों से क्या करने को कहा गया है?
Ans: बच्चों से आगे की कहानी बनाने और सुनाने को कहा गया है।

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