Chapter 13: मेला
अध्याय परिचय
“मेला” एक आनंदमयी कविता है जिसमें मेले का सुंदर और रंगीन वर्णन किया गया है। इस कविता के माध्यम से बच्चों को मेले में मिलने वाली खुशी, खाने-पीने की चीजें, झूले और खिलौनों का अनुभव कराया गया है।
विस्तृत नोट्स (सरल भाषा में)
इस कविता में बताया गया है कि घर के पास एक मेला लगा था। वहाँ चाट का ठेला था और बच्चों ने वहाँ जाकर चाट खाई।
मेले में झूले भी लगे थे। बच्चे झूलों पर झूले और बहुत खुश हुए। उनके मन में खुशी समा नहीं रही थी।
मेले में एक खिलौनेवाला भी आया था, जिसने रंग-बिरंगे और सुंदर खिलौने लाए थे। बच्चों ने वहाँ से खिलौने खरीदे।
कविता में मेले की रौनक, ठेले, झूले और लोगों की खुशी का सुंदर चित्रण किया गया है। बच्चे मेले में घूमते हैं, खाते हैं, खेलते हैं और बहुत आनंद लेते हैं।
इस कविता से हमें पता चलता है कि मेला बच्चों के लिए बहुत खुशी और उत्साह का स्थान होता है।
शब्दार्थ (महत्वपूर्ण व कठिन शब्द)
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| मेला | उत्सव या भीड़ वाला स्थान |
| ठेला | सामान बेचने की गाड़ी |
| झूला | झूलने का खेल |
| ठाट | सजावट और रौनक |
| रंग-बिरंगे | अलग-अलग रंगों वाले |
| सलोने | सुंदर |
| हाट | बाजार |
प्रश्न-उत्तर
Q1: मेला कहाँ लगा था?
Ans: मेला घर के पास लगा था।
Q2: मेले में क्या आया था?
Ans: मेले में चाट का ठेला आया था।
Q3: बच्चों ने मेले में क्या खाया?
Ans: बच्चों ने चाट खाई।
Q4: मेले में बच्चे क्या करते हैं?
Ans: बच्चे झूले झूलते हैं और खेलते हैं।
Q5: बच्चों को कैसा लगा?
Ans: बच्चों को बहुत खुशी हुई।
Q6: मेले में कौन आया था?
Ans: मेले में खिलौनेवाला आया था।
Q7: खिलौने कैसे थे?
Ans: खिलौने रंग-बिरंगे और सुंदर थे।
Q8: बच्चों ने क्या खरीदा?
Ans: बच्चों ने खिलौने खरीदे।
Q9: मेले में और क्या-क्या था?
Ans: मेले में ठेले, झूले और हाट था।
Q10: इस कविता से हमें क्या सीख मिलती है?
Ans: हमें मेलों का आनंद लेना चाहिए और खुश रहना चाहिए।
