Chapter 16: मूली

अध्याय परिचय

“मूली” एक रोचक और मजेदार कहानी है जिसमें एक बड़ी मूली को निकालने के लिए पूरे परिवार के सहयोग को दिखाया गया है। यह अध्याय बच्चों को मिलकर काम करने और सहयोग की शक्ति का महत्व सिखाता है।

विस्तृत नोट्स (सरल भाषा में)

इस कहानी में नानाजी अपने बगीचे में मूली बोते हैं और उसे बड़ा होने के लिए कहते हैं।

कुछ समय बाद मूली बहुत बड़ी और लंबी हो जाती है। नानाजी उसे निकालने की कोशिश करते हैं, लेकिन अकेले नहीं निकाल पाते।

फिर वे नानी को बुलाते हैं। नानी और नानाजी मिलकर पूरी ताकत लगाते हैं, लेकिन फिर भी मूली नहीं निकलती।

इसके बाद नातिन को बुलाया जाता है। तीनों मिलकर जोर लगाते हैं, लेकिन तब भी सफलता नहीं मिलती।

अंत में नातिन अपने कुत्ते को बुलाती है। अब सभी—नानाजी, नानी, नातिन और कुत्ता—मिलकर जोर लगाते हैं और आखिरकार मूली बाहर निकल जाती है।

यह कहानी हमें सिखाती है कि मिलकर काम करने से कठिन से कठिन काम भी आसान हो जाता है।

शब्दार्थ (महत्वपूर्ण व कठिन शब्द)

शब्दअर्थ
बगीचापेड़-पौधों की जगह
मज़बूतताकतवर
खींचनाजोर से पकड़कर निकालना
ज़ोर लगानापूरी ताकत लगाना
नातिनबेटी की बेटी
थामापकड़ा
बाहर निकालनाजमीन से निकालना
सहयोगमिलकर काम करना

प्रश्न-उत्तर

Q1: नानाजी ने क्या बोया?
Ans: नानाजी ने मूली बोई।

Q2: मूली कैसी हो गई थी?
Ans: मूली बहुत बड़ी और लंबी हो गई थी।

Q3: नानाजी मूली को क्यों नहीं निकाल पाए?
Ans: क्योंकि मूली बहुत बड़ी थी।

Q4: नानाजी ने सबसे पहले किसे बुलाया?
Ans: उन्होंने नानी को बुलाया।

Q5: क्या नानी और नानाजी मिलकर मूली निकाल पाए?
Ans: नहीं।

Q6: फिर किसे बुलाया गया?
Ans: नातिन को बुलाया गया।

Q7: क्या तीनों मिलकर सफल हुए?
Ans: नहीं।

Q8: अंत में किसे बुलाया गया?
Ans: कुत्ते को बुलाया गया।

Q9: मूली कैसे निकली?
Ans: सबने मिलकर जोर लगाया, तब मूली निकली।

Q10: इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?
Ans: मिलकर काम करने से सफलता मिलती है।

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