Chapter 17: बरसात और मेंढक
अध्याय परिचय
“बरसात और मेंढक” एक रोचक और सीख देने वाली कहानी है जिसमें दो बच्चों—कमली और सोमारू—की समझदारी और सहयोग से समस्या का समाधान दिखाया गया है। यह कहानी प्रकृति के आपसी संबंध और दया का महत्व सिखाती है।
विस्तृत नोट्स (सरल भाषा में)
कहानी में कमली और सोमारू जंगल घूमने जाते हैं। लौटते समय उन्हें बहुत भूख लगती है। उन्हें एक गाय मिलती है, लेकिन गाय कहती है कि अगर उसे हरी घास मिलेगी तभी वह दूध देगी।
दोनों बच्चे घास लाने जाते हैं, लेकिन घास सूखी होती है। घास कहती है कि अगर उसे पानी मिलेगा तो वह हरी हो जाएगी।
वे पानी लेने नदी के पास जाते हैं, लेकिन नदी सूखी होती है। नदी कहती है कि बरसात होने पर ही उसमें पानी आएगा।
फिर वे मेंढक के पास जाते हैं। मेंढक बताता है कि बच्चे उसे पत्थर मारते हैं, इसलिए वह बाहर नहीं आता। कमली और सोमारू उससे माफी मांगते हैं और वादा करते हैं कि अब कोई उसे परेशान नहीं करेगा।
इसके बाद वे बादल के पास जाते हैं। बादल कहते हैं कि जब मेंढक टर्र-टर्र करेगा, तभी वे बरसेंगे।
मेंढक टर्र-टर्र करने लगता है, जिससे बादल बरसते हैं। बारिश होने से नदी में पानी आ जाता है।
कमली और सोमारू नदी से पानी लाकर घास को देते हैं, घास हरी हो जाती है। गाय घास खाकर दूध देती है और दोनों बच्चे अपनी भूख मिटाते हैं।
शब्दार्थ (महत्वपूर्ण व कठिन शब्द)
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| जंगल | पेड़ों से भरा स्थान |
| भूख | खाने की इच्छा |
| सूखी | जिसमें पानी न हो |
| बरसात | वर्षा |
| माफी | क्षमा |
| वादा | प्रतिज्ञा |
| टर्र-टर्र | मेंढक की आवाज |
| समाधान | समस्या का हल |
प्रश्न-उत्तर
Q1: कमली और सोमारू कहाँ गए थे?
Ans: वे जंगल घूमने गए थे।
Q2: उन्हें भूख कब लगी?
Ans: लौटते समय भूख लगी।
Q3: गाय ने क्या कहा?
Ans: उसने कहा कि हरी घास खिलाओ, तब दूध दूँगी।
Q4: घास ने क्या कहा?
Ans: उसने कहा कि पानी दो, तब मैं हरी बनूँगी।
Q5: नदी क्यों सूखी थी?
Ans: क्योंकि बरसात नहीं हुई थी।
Q6: मेंढक क्यों नाराज़ था?
Ans: क्योंकि बच्चे उसे पत्थर मारते थे।
Q7: कमली और सोमारू ने क्या किया?
Ans: उन्होंने माफी माँगी और वादा किया।
Q8: बादल कब बरसे?
Ans: जब मेंढक टर्र-टर्र करने लगा।
Q9: अंत में क्या हुआ?
Ans: घास हरी हुई, गाय ने दूध दिया और बच्चों ने दूध पिया।
Q10: इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?
Ans: हमें सभी के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए और मिलकर समस्या का समाधान करना चाहिए।
