Chapter 21: हाथी साइकिल चला रहा था

अध्याय परिचय

“हाथी साइकिल चला रहा था” एक मजेदार और आनंदमयी कविता है जिसमें हाथी और चींटी की दोस्ती और सहयोग को दर्शाया गया है। यह कविता बच्चों को सिखाती है कि छोटे-बड़े सभी मिलकर किसी भी कठिनाई को आसान बना सकते हैं।

विस्तृत नोट्स (सरल भाषा में)

इस कविता में एक हाथी साइकिल चला रहा होता है और उसके पीछे एक छोटी चींटी बैठी होती है। दोनों बहुत खुश होते हैं और मजे से सफर कर रहे होते हैं।

आगे रास्ते में चढ़ाई आती है, जिससे हाथी को साइकिल चलाने में कठिनाई होती है और वह हाँफने लगता है। साइकिल भी चरर-मरर की आवाज करते हुए रुक जाती है और पीछे की ओर सरकने लगती है।

तभी चींटी तुरंत साइकिल से कूद जाती है और हाथी को हिम्मत देती है कि वह घबराए नहीं। वह कहती है कि आप पैडल चलाते रहो, मैं पीछे से धक्का देती हूँ।

चींटी की मदद से हाथी फिर से साइकिल चलाने लगता है।

यह कविता हमें सिखाती है कि छोटे से छोटा जीव भी बड़े की मदद कर सकता है और सहयोग से हर मुश्किल आसान हो जाती है।

शब्दार्थ (महत्वपूर्ण व कठिन शब्द)

शब्दअर्थ
चढ़ाईऊँचाई वाला रास्ता
हाँफनातेजी से साँस लेना
चरर-मररआवाज का प्रकार
सरकनापीछे की ओर खिसकना
धक्काजोर से आगे बढ़ाना
पैडलसाइकिल चलाने का हिस्सा
सहयोगमिलकर काम करना
हिम्मतसाहस

प्रश्न-उत्तर

Q1: हाथी क्या कर रहा था?
Ans: हाथी साइकिल चला रहा था।

Q2: हाथी के पीछे कौन बैठा था?
Ans: चींटी बैठी थी।

Q3: हाथी कैसा महसूस कर रहा था?
Ans: वह मजे से साइकिल चला रहा था।

Q4: रास्ते में क्या आया?
Ans: चढ़ाई आई।

Q5: हाथी को क्या समस्या हुई?
Ans: वह हाँफने लगा और साइकिल रुक गई।

Q6: साइकिल क्या करने लगी?
Ans: पीछे की ओर सरकने लगी।

Q7: चींटी ने क्या किया?
Ans: वह साइकिल से कूद गई।

Q8: चींटी ने हाथी से क्या कहा?
Ans: घबराओ मत, मैं धक्का देती हूँ।

Q9: चींटी ने कैसे मदद की?
Ans: पीछे से धक्का देकर।

Q10: इस कविता से हमें क्या सीख मिलती है?
Ans: सहयोग से हर काम आसान हो जाता है।

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