Chapter 22: चार दिशाएँ
अध्याय परिचय
“चार दिशाएँ” एक सरल और ज्ञानवर्धक कविता है जिसमें बच्चों को चार मुख्य दिशाओं—पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण—के बारे में सिखाया गया है। यह अध्याय बच्चों को दिशा पहचानने की आसान विधि बताता है।
विस्तृत नोट्स (सरल भाषा में)
इस कविता में बताया गया है कि सूरज जिस दिशा में उगता है, वह दिशा पूर्व होती है। अगर हम सूरज की ओर मुँह करके खड़े होते हैं, तो हमारे सामने पूर्व दिशा होती है।
ऐसी स्थिति में हमारी पीठ के पीछे पश्चिम दिशा होती है।
हमारे बाएँ हाथ की ओर उत्तर दिशा होती है और दाएँ हाथ की ओर दक्षिण दिशा होती है।
इस प्रकार चारों दिशाएँ—पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण—आसानी से पहचानी जा सकती हैं।
पेज 2 पर बच्चों से दिशा पहचानने और उनसे जुड़ी गतिविधियाँ करने को कहा गया है, जैसे कार्ड बनाना और सही जगह पर लगाना।
शब्दार्थ (महत्वपूर्ण व कठिन शब्द)
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| दिशा | रास्ता या ओर |
| पूर्व | जहाँ सूरज उगता है |
| पश्चिम | जहाँ सूरज डूबता है |
| उत्तर | बाईं ओर की दिशा |
| दक्षिण | दाईं ओर की दिशा |
| मुँह | चेहरा |
| सामने | आगे की ओर |
| पीछे | पीछे की ओर |
प्रश्न-उत्तर
Q1: यह कविता किसके बारे में है?
Ans: चार दिशाओं के बारे में।
Q2: सूरज किस दिशा में उगता है?
Ans: पूर्व दिशा में।
Q3: सूरज की ओर मुँह करके खड़े होने पर सामने कौन-सी दिशा होती है?
Ans: पूर्व दिशा।
Q4: पीठ के पीछे कौन-सी दिशा होती है?
Ans: पश्चिम दिशा।
Q5: बाईं ओर कौन-सी दिशा होती है?
Ans: उत्तर दिशा।
Q6: दाईं ओर कौन-सी दिशा होती है?
Ans: दक्षिण दिशा।
Q7: कुल कितनी मुख्य दिशाएँ होती हैं?
Ans: चार।
Q8: चार दिशाओं के नाम बताइए।
Ans: पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण।
Q9: दिशा पहचानने का आसान तरीका क्या है?
Ans: सूरज की दिशा देखकर।
Q10: इस अध्याय से हमें क्या सीख मिलती है?
Ans: हम दिशाओं को आसानी से पहचान सकते हैं।
