Chapter 17: बोलने वाली माँद
अध्याय परिचय
यह एक रोचक कहानी है जिसमें एक चालाक सियार और एक भूखा सिंह की कहानी बताई गई है। इस कहानी के माध्यम से यह सिखाया गया है कि कठिन समय में बुद्धि (चतुराई) बल से अधिक महत्वपूर्ण होती है।
विस्तृत नोट्स (सरल भाषा में)
कहानी की शुरुआत एक जंगल से होती है जहाँ खरनखर नाम का एक सिंह रहता था। एक दिन उसे बहुत भूख लगी, लेकिन पूरे जंगल में उसे कोई शिकार नहीं मिला। शाम होने पर उसे एक माँद (गुफा) दिखाई दी और वह रात बिताने के लिए उसमें छिप गया।
सिंह ने सोचा कि इस माँद में कोई न कोई जानवर रहता होगा। जब वह अंदर आएगा तो वह उसे पकड़ लेगा। इसलिए वह छिपकर बैठ गया।
उसी माँद में दधिपुच्छ नाम का एक सियार रहता था। जब वह वापस आया तो उसने माँद के बाहर सिंह के पैरों के निशान देखे। उसे समझ में आ गया कि अंदर कोई खतरा है, क्योंकि निशान अंदर जाने के थे, बाहर आने के नहीं।
सियार बहुत समझदार था। उसने एक उपाय सोचा। वह माँद के बाहर खड़ा होकर जोर से बोला— “ऐ मेरी माँद, ऐ मेरी माँद!” और कुछ देर चुप रहा। फिर बोला कि पहले तुम मेरी पुकार का जवाब देती थी, आज क्यों नहीं बोल रही हो?
सिंह ने सोचा कि माँद सच में बोलती है और डर के कारण चुप है। इसलिए उसने खुद ही जवाब दे दिया। जैसे ही सिंह ने दहाड़ लगाई, सियार को पक्का पता चल गया कि अंदर सिंह है।
सियार तुरंत वहाँ से भाग गया और अपनी जान बचा ली।
शब्दार्थ (महत्वपूर्ण व कठिन शब्द)
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| माँद | गुफा |
| आहार | भोजन |
| चिह्न | निशान |
| उपाय | तरीका |
| दहाड़ | जोर की आवाज |
| चपटी (चंपत) | भाग जाना |
| संकट | खतरा |
प्रश्न-उत्तर
Q1: खरनखर कौन था?
खरनखर एक सिंह था जो जंगल में रहता था।
Q2: सिंह को क्या समस्या थी?
सिंह को बहुत भूख लगी थी, लेकिन उसे कोई शिकार नहीं मिला।
Q3: सिंह माँद में क्यों गया?
सिंह रात बिताने और शिकार पकड़ने के लिए माँद में गया।
Q4: सिंह ने माँद में क्या योजना बनाई?
उसने सोचा कि जो भी जानवर माँद में आएगा, उसे पकड़ लेगा।
Q5: सियार का नाम क्या था?
सियार का नाम दधिपुच्छ था।
Q6: सियार ने खतरे का पता कैसे लगाया?
सियार ने माँद के बाहर सिंह के पैरों के निशान देखकर खतरे का अंदाजा लगाया।
Q7: पैरों के निशान देखकर सियार को क्या समझ आया?
उसे समझ आया कि कोई जानवर माँद के अंदर गया है, लेकिन बाहर नहीं आया।
Q8: सियार ने क्या उपाय किया?
सियार ने माँद को पुकारकर बोलने का नाटक किया।
Q9: सियार ने माँद को क्या कहा?
उसने कहा— “ऐ मेरी माँद, ऐ मेरी माँद!”
Q10: सिंह ने क्या सोचा?
सिंह ने सोचा कि माँद सच में बोलती है और डर के कारण चुप है।
Q11: सिंह ने क्या किया?
सिंह ने खुद ही माँद की तरफ से जवाब दे दिया।
Q12: सियार को कैसे पता चला कि अंदर सिंह है?
सिंह की दहाड़ सुनकर सियार को पता चल गया कि अंदर सिंह है।
Q13: सियार ने क्या किया?
सियार तुरंत वहाँ से भाग गया।
Q14: सियार क्यों बच गया?
सियार अपनी चतुराई और समझदारी के कारण बच गया।
Q15: इस कहानी से क्या शिक्षा मिलती है?
इस कहानी से शिक्षा मिलती है कि बुद्धि बल से बड़ी होती है।
Q16: सिंह क्यों असफल हुआ?
सिंह अपनी जल्दबाजी और मूर्खता के कारण असफल हुआ।
Q17: सियार की कौन-सी विशेषता सामने आती है?
सियार की चतुराई और बुद्धिमानी सामने आती है।
Q18: कहानी में मुख्य पात्र कौन-कौन हैं?
मुख्य पात्र सिंह और सियार हैं।
Q19: सिंह की गलती क्या थी?
सिंह ने बिना सोचे समझे माँद की ओर से जवाब दे दिया।
Q20: हमें इस कहानी से क्या सीख लेनी चाहिए?
हमें इस कहानी से सीख लेनी चाहिए कि कठिन समय में बुद्धि से काम लेना चाहिए।
